जयंती विशेष: दिनकर की 'उर्वशी', जिसमें प्रेम कामध्यात्म के तटों को छूता है
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दिनकर जितने राष्ट्रीयता, ओज और वीर रस के कवि थे, उतने ही श्रृंगार के भी अद्भुत कवि थे. उर्वशी इसका प्रमाण है. दिनकर की जयंती पर उनके श्रृंगार काव्य की एक पड़ताल
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