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उन्होंने कहा था कि अच्छा होता, अगर हमारे बच्चे होते, लेकिन नहीं हैं तो हमें इस बात का गम भी नहीं. जीवन में संतुष्टी को लेकर न मैंने और न ही सायरा ने कभी शिकायत की. कभी हमने अकेलापन महसूस नहीं किया. परिवार के लोग और रिश्तेदार हम दोनों से ही जुड़े रहे. हमारे लिए यही बहुत है. हमारा परिवार साथ है और इससे ज्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है.
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