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हरीश रावत ने साफ कहा कि मैंने प्रायश्चित स्वरूप कुछ देर झाड़ू लगाकर सफाई की. मैं, सिख धर्म और उसकी महान परंपराओं के प्रति हमेशा समर्पित भाव और आदर भाव रखता रहा हूं. मैं पुनः आदर सूचक शब्द समझकर उपयोग किये गये अपने शब्द के लिये मैं सबसे क्षमा चाहता हूं.
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